Breaking News

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता (Senior leader of Congress) सचिन सावंत ने शुक्रवार को ED की छापेमारी का विरोध किया और कहा कि महा विकास अघाड़ी (MVA) के गठबंधन को बदनाम करने के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार (Led government) की इस चाल का एकजुट होकर विरोध करना चाहिए।

उनकी यह टिप्पणी कथित धन शोधन मामले (Alleged money laundering case) में ED द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री (Ex-Home Minister) अनिल देशमुख के मुंबई और नागपुर आवासों पर छापेमारी के बाद की गई।

सचिन सावंत ने पूछा, ED ने अनिल देशमुख के आवास पर छापेमारी के दौरान क्या तलाशने की कोशिश कर रहा है? यहां तक ​​कि सचिन वाज़े और परमबीर सिंह जिन्होंने आरोप लगाए थे, उन्होंने कभी नहीं कहा कि पैसा दिया गया था?

अगर ED को लगता है कि पैसा दिया गया था, तो सचिन वाजे और परम बीर सिंह के आवास पर छापेमारी क्यों नहीं की गई? जिन्होंने कथित तौर (Alleged) पर पैसा दिया था?

सचिन सावंत सावंत ने यह भी आरोप लगाया कि सभी राष्ट्रीय जांच एजेंसियों (National investigative agencies) ने मोदी सरकार के सामने अपनी स्वतंत्रता को आत्मसमर्पण (Surrender to freedom) कर दिया है और विपक्ष (Opposition) के खिलाफ राजनीतिक हथियार (Political weapon) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने आग्रह (Request) किया, तीनों दलों (कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना) को MVA नेताओं को प्रताड़ित (Harassed) करके MVA को बदनाम करने की मोदी सरकार की इस चाल का एक साथ विरोध करना चाहिए। हमें लोकतंत्र (Democracy) को बचाना चाहिए।

Live TV

Facebook Post

Online Poll

Health Tips

Stock Market | Sensex

Weather Forecast

Advertisement