बीएमसी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहे है अवैध निर्माण ?? के पश्चिम प्रभाग बन गया है अवैध निर्माणों का अड्डा
बीएमसी के पश्चिम प्रभाग इस समय अवैध निर्माणकर्ताओं के लिए ऐशगाह बन गया है। हालत यह है की के पश्चिम प्रभाग की जोगेश्वरी से हद शुरू होते ही मिलन सबवे तक लगभग 5 किलोमीटर की रेंज में सैकड़ों अवैध निर्माण चल रहे है पर बीएमसी अधिकारी है की इन्हें या तो कुछ पता ही नही है या फिर खुद इनके ही संरक्षण में यह सारे अवैध निर्माण चल रहे है जिससे यह दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहे हैं। जोगेश्वरी पश्चिम के एस वी रोड पर 24 कैरेट सिनेमा के ठीक सामने लगभग 25 सौ स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण धडल्ले से चल रहा है जिसकी शिकायत अनेक लोगों द्वारा बीएमसी से की गई पर बीएमसी अधिकारी हैं की आंख और कान बंद करके बैठे हैं। 24 कैरेट के सामने चल रहा अवैध निर्माण तो केवल एक बानगी है इसके अलावा भी एस वी रोड पर अनेक अवैध निर्माण नजर आ जायेंगे केवल एस वी रोड ही क्यों बल्कि बीएमसी के पश्चिम के अन्य क्षेत्र वर्सोवा गांव, जूहू, जूहू कोलीवाडा, पार्ले गावठन, अंधेरी गावठन या अन्य किसी क्षेत्र में भी निकल जाओ अवैध निर्माण आसानी से नजर आ जायेगा। पर यह नजर आएगा आम आदमी को, इसे रोकने के जिम्मेदार इन अवैध निर्माण स्थल से अनेक बार गुजरेंगे पर इन्हें कुछ भी नजर नहीं आएगा।
इन अधिकारियों को यहां चल रहे अवैध निर्माण क्यों नजर नहीं आते है यह समझना कोई रॉकेट साइंस तो है नही बल्कि इसे हर आम आदमी भी जानता है।
के पश्चिम प्रभाग में तैनात अधिकारियों की कार्यशैली से अधिकतर लोग परिचित हैं।
के पश्चिम में तैनात अधिकारियों में डी ओ स्वप्निल कोलेकर, जे ई जय प्रकाश राउत, जे ई मुकुंद नामे, जे ई अनिकेत बनकर, जे ई आशीष तंभाले, जे ई जालना और ए ई अशोक अदाते काफी चर्चित अधिकारी है। अब इनकी चर्चा चटखारे लेकर क्यों किया जाता है यह समझना कोई मुश्किल काम नहीं है। कहा जाता है की इन अधिकारियों के संरक्षण में ही के पश्चिम प्रभाग में अवैध निर्माण फल फूल रहा है। हालांकि हम इन अधिकारियों के भ्रष्ट होने का आरोप नही लगा रहे बस हम इतना ही इशारा देना चाहते है कि यदि के पश्चिम प्रभाग के यह अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन थोड़ी भी ईमानदारी से करे तो किसी की क्या मजाल जो अवैध निर्माण की हिम्मत कर सके। पर जब इन अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास नही है या ये कहा जाय की इन अधिकारियों ने जब तक अपनी आंखे बंद कर रखी है यहां पर अवैध निर्माण तो चलता ही रहेगा।