जशन बार के संचालक दिवाकर की कारगुजारी पर मालाड पुलिस सीनियर श्रीमान रविंद्र अडाणे की आंखें बंद क्यों ??
मालाड पश्चिम के चिंचोली बंदर रोड पर स्थित जशन बार की अवैध और अनैतिक गतिविधियों की खबर की चर्चा चारो ओर है पर इन चर्चाओं से मालाड पुलिस ठाणे के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमान रविंद्र अडाणे अनजान हैं। हालांकि एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक की जिम्मेदारी काफी विस्तृत होती है पूरे पुलिस ठाणे को चलाने का जिम्मा होता है इतने बड़े क्षेत्र की कानून व्यवस्था को सुचारू रखना कोई हंसी मजाक नहीं है। पर उनके क्षेत्र में क्या अवैध गतिविधियां चल रही है और कितने अवैध गतिविधियों के पुराने खिलाड़ी उनके क्षेत्र में सक्रिय है इसकी जानकारी रखना भी एक काबिल पुलिस ऑफिसर की जिम्मेदारी है और श्रीमान रविंद्र अडाणे की काबिलियत पर कोई शंका नहीं है लेकिन शायद अब तक मालाड में चल रहे जशन बार के मुख्य संचालक दिवाकर के पुराने कारगुजारियों पर नजर दौड़ाने का समय सीनियर साहब नही निकाल सके है इसीलिए इतनी चर्चाओं के बाद भी जशन बार की ओर से उनकी आंखे बंद है।
जी हां दिवाकर शेट्टी जो इस समय जशन बार का मुख्य संचालक है यह कोई आम या साधारण नाम नही है बल्कि ऑर्केस्ट्रा बारों में नाबालिग लड़कियों को नचाने और ऑर्केस्ट्रा बारों की अन्य अवैध गतिविधियों के संचालन का पुराना खिलाड़ी है हम कोई हवा हवाई आरोप नही लगा रहे है बल्कि यदि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमान रविंद्र अडाणे को जरा भी शंका है तो बांगुर नगर पुलिस ठाणे का पुराना रिकार्ड खंगाल लें दिवाकर का कच्चा चिट्ठा मिल जायेगा। ज्ञात हो की कुछ साल पहले बांगुर नगर पुलिस ठाणे की हद में जीना नामक बार जो अब किसी अन्य नाम से चलता है उसपर समाजसेवा शाखा द्वारा की गई कारवाई में कई नाबालिग लड़कियां पकड़ी गई थी कई माह तक उस तत्कालीन बार पर ताला लगा हुआ था उस समय जीना नामक उस बार का भी मुख्य संचालक यही दिवाकर शेट्टी था जो ठीक वही सारी गतिविधियां इस समय मालाड के जशन बार में संचालित कर रहा है।
पिछले कई दिनों से मालाड पुलिस ठाणे की हद में स्थित ऑर्केस्ट्रा बारों की गतिविधियों पर स्थानीय पुलिस की निगाहें टेढ़ी है पुलिस की मुस्तैदी से कई बारों में नजारे भी बदले नजर आ रहे है तो कई बारों पर स्थानीय पुलिस ने कारवाई भी की है पर इस क्षेत्र में चलने वाले बारों में अवैध गतिविधियों के लिए सबसे कुख्यात ऑर्केस्ट्रा बार जशन के प्रति स्थानीय पुलिस उदासीन है कहने को प्रतिदिन यह पर चेकिंग की जाती है पर चेकिंग के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जाती है। आशा है की जल्द ही जशन बार पर भी स्थानीय पुलिस की आंख टेढ़ी होगी और यहां चल रहे अवैध गतिविधियों पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमान रविंद्र अडाणे लगाम लगाएंगे लेकिन कब तक?? यह सवाल दिलचस्प है।।