कांदिवली के शिवम् हॉस्पिटल में फेक वैक्सीनेशन स्कॅम में पुलिस ने 2,000 पेजेज की चार्जशीट दाखिल की।
कांदिवली पुलिस ने शुक्रवार को बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में वैक्सीनेशन स्कॅम मामले में 2,000 पेजेज की चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में उल्लेख है कि चारकोप स्थित शिवम अस्पताल घोटाले में शामिल था और उन्होंने लोगों को केवल पैसे के लिए नकली टीके दिए। शिवराज पटारिया और उनकी पत्नी नीता पटारिया दोनों अस्पताल के मालिक भी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं।
कांदिवली पुलिस ने इस मामले में मजिस्ट्रेट न्यायाधीश (judge) के समक्ष 6 गवाह भी पेश किए और उनके बयान भी CRPC 164 के तहत दर्ज किए गए। यह सभी शिवम अस्पताल के एम्प्लॉई हैं और लेबोरेटरी से जुड़े लोग हैं। आरोप पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि टीके नकली थे, और कोविशील्ड की जब्त शीशियों को कलिना फोरेंसिक प्रयोगशाला (laboratory) में भेज दिया गया था, और रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा था।
इस मामले के अन्य आरोपियों की पहचान मनीष त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो शिवम अस्पताल के बाहर केसीईपी संस्थान (KCEP Institute) चला रहा था। कांदिवली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि हमने 2,000 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया है और इस मामले में हमारे पास 500 गवाह हैं।
बता दें की कांदिवली स्थित हीरानंदानी हेरिटेज सोसायटी में 30 मई को वैक्सीनेशन ड्राइव चलाया गया था। आरोपियों ने सोसायटी से 4.90 लाख रुपये लेकर नकली टीके दिए। इस मामले में कुछ और धाराएं भी जोड़ी हैं, जिनमें IPC 308 गैर इरादतन हत्या के प्रयास के लिए सजा और 201 अपराध के सबूतों को गायब करना, या स्क्रीन अपराधी को झूठी जानकारी देना भी शामिल हैं।