अभी भी दुनिया में इंसानियत ज़िन्दा हैं, महाड के मुफ़्ती रफ़ीक साहब बने इंसानियत की मिसाल, जिन्होंने ने ऐसी मिसाल कायम की हैं जो कभी किसी ने सोचा नहीं होगा।
अभी भी दुनिया में इंसानियत ज़िन्दा हैं, महाड के मुफ़्ती रफ़ीक साहब बने इंसानियत की मिसाल, जिन्होंने ने ऐसी मिसाल कायम की हैं जो कभी किसी ने सोचा नहीं होगा।
महाड और चिपलुन के मुफ्ती रफ़ीक मोहमद शफ़ी पुरकर और मौलाना मुज़्ज़म्मिल पारकर इन लोगों ने एक यैसी अनोखी मिसाल कायम की हैं ,जो लोगों को राहत सामग्री (relief material) देने का अनोखा तरीका अपनाया ,जिसमें उन्होंने कोकण रायगड के कांबले इलाके महाड में मद्रसा जामियां इस्लामिया द्रारा हर घर के लिए 10000 रुपए का कूपन आधार कार्ड के माध्यम से दे रहे हैं। जिसमें हर घर वाले 10000 रुपए का कूपन से अपनी जरुरियात के हिसाब से उस राहत सामग्री में से सामान लेते हैं।
मुंबई के जोगेश्वरी वेस्ट राज नगर सोसाइटी के उमर सुनसरा, मौलाना हन्ज़ला सुनसरा, शफीक फारूक पटेल, रईस कुकवा और ओवेस मुखी ने राहत सामग्री (relief material) का सामान ले कर गए ! वहा के हालात के बारे में और मुफ्ती रफ़ीक पुरकर और मौलाना मुज़्ज़म्मिल पारकर की मिसाल भी बतायी !